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सुधा भाभी ने Promotion के लिए चूत चुदवाई

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सभी पाठको को मेरा प्रणाम में इंद्रजीत आप सब को मेरी कहानी शब्दों के रूप में आप सभी दोस्तो के सामने प्रस्तुत कर रहा हू। करीब दो साल पहले में एक स्कूल में प्राध्यापक था, ओर केसे एक महिला शिक्षिका ने पदोन्नति के लिए मेरे साथ संभोग किया, ओर केसे मेने उसके साथ मज़े लिए!


मेरा नाम इंद्रजीत है, में बिलासपुर में रहता हूं. मेरी उमर 40 साल है। मेरी पत्नी शांति ओर दो बच्चे है. मेरी जिंदगी अच्छेसे कट रही थी। मेरी पत्नी ओर में एक दूसरे को बहोत प्यार करते है।


में बिलासपुर में सरकारी स्कूल में शिक्षक के रूप में दसवीं के विद्यार्थियों को पड़ाता हूं। मेंने इतिहास में P.H.D की हे. मुझे बहुत सालों का अनुभव के साथ अच्छा तजुरबा था. मेरे साथ स्कूल में कुछ महिलाएं भी नौकरी करती थी, उनसे मेरी काफी अच्छी जान पेहचान थी.


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इस स्कूल में दस साल से पड़ा रहा था। ओर मुझे स्कूल के बारे में अच्छी खासी जानकारी थी. इसी कारण संस्था ने मुझे प्राध्यापक का पद दे दिया। मुझे  बहुत खुशी हुई मेरे सभी शिक्षक मित्रो ने मुझे बधाई दी. अब में विद्यार्थियों पड़ाता नहीं था, बल्कि कार्यालय में बैठकर नियोजन करता था।


सब कुछ अच्छे से चल रहा था, ओर मेरा नियोजन काफी हद्दतक से काम कर रहा था. पर एक महिला शिक्षिका जिनका नाम सुधा था. सुधा मुझसे बिना कारण बात करने में दिलचस्पी दिखा रही थी, ओर मुझसे चिपक कर मेरे साथ बात कर रही थी!


मेरा स्वाभाव बहोत शांत था. पर में अंदर से उतनी ही संभोग में रुचि रखता था। मेरे परिवार में सब सही चल रहा था, ओर मेंरी बीवी से बहुत प्यार भी कर रहा था, हमारी सेक्स जीवन काफी अच्छे से बीत रहा था.

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सुधा को में जबभी कुछ काम के लिए बुलाता था, ओ अपना सारा काम छोड़कर चली आती थी। ओर मेरे साथ बैठकर काम करती थी, मेरे खाने पीने का ख्याल भी खूब रखती थी, टाइम - टाइम पर मेरे लिए काफी बनाकर लाती थी। ओर मेरे लिए घरसे अच्छा खाना भी लाती थी, दूसरी महिला शिक्षिकाओं को सब पसंद नहीं था, ओ सब कानाफूसी करती थी. मेंने सुधा को बहोत बार मना किया पर सुधा नहीं मानती थी!


सुधा दिखने में काफी आकर्षित और उसका सुंदर गोरा रंग था। सुधा की उम्र 30 साल थी, पर वह अपने शरीर के ऊपर बहुत ध्यान रखती थी. इसलिए आज भी उसकी उम्र लगभग 25 के आसपास लगती थी. सुधा जब चलती थी तब उसकी लचीली करम ओर उसके दोनों बूब्स ओर गांड़ की तरफ सब लोग आंख लगाकर देखते थे. इसी कारण में भी सुधा को पसंद करने लगा था।


एक दिन सुधा ने मुझे सिनेमाघर लेकर जाने का निमंत्रण दिया और हमारी छुट्टी होने के बाद हम लोग सिनेमाघर सिनेमा देखने के लिए चले गए. सुधा ने पीछे कोने में सीट लेकर रखी थी। मैंने कहा सुधा मैडम मूवी बहोत अच्छी है। सुधा ने कहा अरे अब बस भी करो यह तुम्हारा स्कूल नहीं है. जो तुम मुझे मैडम कहकर बुला रहे हो अब हम बाहर घूमने आए हैं. तुम मुझे सुधा या सुधा भाभी कह कर बुला सकते हो। ठीक है में आजसे तुम्हे सुधा भाभी कहकर बुलाऊंगा!


सुधा भाभी ने शॉर्ट सलवार कमीज पहनी हुई थी. उसमें सुधा बहुत खूबसूरत लग रही थी, सुधा मुझे चिपक कर मेरे बाजू मैं बेटी हुई थी, मूवी चालू हो गई अंधेरा हो गया. सुधा ने अपना हाथ मेरे हाथ के ऊपर रख दिया. मुझे बहुत आश्चर्य लगा मैं सुधा की तरफ देखने लगा सुधा ने मुझे किस करने के लिए कहा मैंने मेरे होंठ को सुधाके होठों के ऊपर टिका दिया, और सुधा को जोर से Smuch करने लगा और सुधा के स्कर्ट्स के ऊपर से हाथ डालकर उसकी चूचियां दबाने लगा सुधा पूरी तरह गरम हो गई थी!


तभी मूवी का मध्यांतर हुआ, सुधा के पति का फोन आया और सुधा को घर बुलाया उस दिन सुधा घर चली गई पर मेरे और सुधा के दिल में अरमान जाग चुके थे।


जब मैं कार्यालय में अकेला होता था, तब मैं सुधा को बुलाकर कार्यालय में किस और उसकी चूचियां दबा लेता मेरे मन में सुधा की चुदाई करने की इच्छा जागी पर मुझे लग रहा था कि सुधा को जरूर मुझसे कुछ ना कुछ चाहिए तभी सुधा मेरे इतने करीब आ रही है. मैंने सुधा से कहा चलो कहीं बाहर चलते हैं. सुधा ने कहा नहीं कल मेरे पति कुछ काम से दो दिन के लिए बाहर जा रहे है. और कल हमारी छुट्टी भी है तो तूम सुबह घर पर आ जाना.

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मैं सुधा के बताया गए वक्त पर सुधा के घर चला गया, मेने घर की घंटी बजाई, सुधा ने दरवाजा खोला सुधा ने Blue कलर की शॉर्ट ड्रेस पहनी हुई थी। जो उसके घुटनों से ऊपर थी. मैं सुधा को देखकर उतावला हो गया कि कब सुधा की चुदाई करु सुधा ने मुझे अंदर बुलाया और बैठने के लिए कहा और मेरे लिए चाय लेने चली गई सुधा रसोई घर मेंसे चाय लेकर आई और मेरे पास आकर मेरे हाथों में चाय दि मैंने चाय रखदी और सुधा को मेरे पास बैठा लिया!


मैंने सुधा से यह सब करने की वजह पूछी सुधा ने कहा आप अभी स्कूल के प्राध्यापक हो. मैं आपको साफ-साफ बात बताती हूं, मुझे पदोन्नति करके आप उप-प्राध्यापक बना दीजिए इसके लिए मैं यह सब कर रही थी. मैंने सुधा से कहा तुम मेरे लिए क्या कर सकती हो, सुधा ने कहा आप बेडरूम में चलिए मैं आपको बताती हूं.


सुधा मुझे अपने बेडरूम में लेकर गई, सुदा मुझे चूमने  लगी और मैं भी सुधा को होठों पर और गर्दन पर चूमने लगा। सुधा के घुंघराले बाल थे और उसने मुझे आकर्षित करने के लिए खुले छोड़ रखे थे। मैं सुधा के बालों के बीच हाथ डालकर जोर - जोर से सुधा को Smuch कर रहा था. और एक हाथ से उसकी चूचियां दबा रहा था, सुधा के होठों पर मेरे होंठ होने के कारण सुधा के मुंह से आवाज नहीं निकल रही थी।


मैंने सुधा के ड्रेस उतारदी सुधाने Black कलर की Panty और Bra पहनी थी. मैंने सुधा की bra उतार दी और सुधाकर दूध को अपने मुंह में लेकर चूसने लगा. सुधा अपने दूध के निप्पल मेरे मुंह में आगे कर के चुसवा रही थी. अब मैंने यह कहा था सुबह की पेंटी के अंदर हाथ डालकर सुधा चूत में उंगली डालने लगा सुधा सिसकिया भरी आवाज निकालने लगी. मैंने सुधा की पेंटी उतार दी और मेरे सारे कपड़े भी उतार दिए। सुधाने मेरा 8 इंच का लंड देखा और तुरंत ही अपने मुंह में लेलिया मैंने सुधा के मुंह से मेरा लंड गिला करके निकाल लिया और सुधा को घोड़ी बनने के लिए कहा, सुधा ने कहा नहीं येसेही करो मुझे गांड में बहुत दर्द होता है. मैंने कहा नहीं धीरे से करूंगा तो सुधा मान गई!


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लंड पर तेल लगा के मैंने सुधा की गांड के छेद के ऊपर मेरा लन्ड रखा और धीरे से धक्का मारा एक धक्के में मेरा आधा लंड सुधा की गांड में चला गया और सुधा की मुंह से आवाज आई.. आह्ह्…. निकालो इसे. पर मैंने एक और जोरदार झटका मारा और पूरा लंड सुधा की गांड में डाल दिया सुधा. जोर से चिल्ला उठी मैं रुक गया और सुधा के शांत होने के बाद सुधाकी गांड में धीरे से अंदर बाहर करके सुधा की गांड चुदाई करने लगा।


सुधा कहने लगी अब बहुत हो गया. मुझे सीधा करो मैंने सुधा को सीधा किया और फिर मैं नीचे लेट गया और सुधा को मेरे ऊपर लेलिया सुधा ने ऊपर से झट से मेरा लन्ड लेकर अपनी चूत में डालकर ऊपर से चुदवाने लगी और मैंभी नीचे से जोर-जोर से झटके मारने लगा। सुधा ऊपर से  येसे चूदवा रही थी जैसे रोज का काम हो पर उसकी चूत मुझे बहुत टाइट लग रही थी. ऐसा लग रहा था जैसे मैं किसी Vergin लड़की को चोद रहा हूं। शायद उसका कोई बच्चा नहीं था इसके लिए उसकी चूत इतनी टाइट थी!


काफी समय चुदाई करने के बाद मेरा वीर्य निकलने वाला था. मैंने सुधा को खींच कर अपनी बाहों में जकड़ लिया और तीन - चार झटके लगाने के बाद मेरा वीर्य निकल गया. मेरा आदा वीर्य उसकी चूत में ओर आदा नीचे गिर गया पर सुधाका अभी नहीं हुआ नहीं था। ऐसा लग रहा था कि उसकी बहुत दिनों से किसी ने चुदाई नहीं की हो. और फिर जोर-जोर से मेरे लंड पर वापस ऊपर से झटके मारने लगी और मैंने अपने दोनों हाथों से उसके दूध को दबाने लगा. थोड़ी देर बाद सुधा भी झड गई और मेरे ऊपर लेट गई मैं सुधा के माथे को चूम रहा था। और फिर एक घंटे बाद फिरसे मेने सुधा की चुदाई की!


मैंने सुधा को पूरे दिन में पांच बार चोंदा और वादे के मुताबिक सुधा को उप-प्राध्यापक का पद देने की सिफारिश कर दी!

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