भाभी ने देवर से चुदाई करवाई | पति के ऑफिस जाने बाद
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हेल्लो दोस्तो मेरा नाम विशाल है, में 23 साल हूं, और दिल्ली में रहता हूं! में एक I.T कंपनी में जॉब करता हूं, और अच्छी खासी तंखा है मेरी!
मेरा ट्रांसफर दिल्ली में कुछ दिन पहले ही हुआ है, मुझे दिल्ली आए हुए लगभग दो महीने ही हुए है,यहा पर मेरा चचेरा भाई रहता है, उसका नाम मोहित और मेरी भाभी का नीता है, में उसी के घर में ऊपर के मंजिल में किराए पर रहता हूं, और खाना उसी के घर खाता हूं!
मोहित भैय्या की शादी हो चुकी है, उनके दो बच्चे भी है, मोहित भैय्या फॉरेस्ट ऑफिस में जॉब करते है। तो इसी लिए मोहित भैय्या रात को कभी - कभी घर नहीं आते थे। पर मेरे आने से मोहित भैय्या को काफी तसल्ली मिल गई। क्युकी अनजान शहर में अपने परिवार को रात में अकेला छोडना ठीक नहीं है। इसी लिए मोहित भैय्या ने मुझे अपने ऊपर वाला कमरा रहने के लिए दे दिया!
नीता भाभी बहोत सुंदर थी, उनका स्वभाव काफी अच्छा था। वो मुझे टाइम पर खाना और चाय - नाश्ता दे देती थी। वो प्यार से मुझे विशू कहकर बुलाती थी, मेरा काम भी बोहत अच्छी तरीके से चल रहा था!
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एक दिन मेरे सर में दर्द के कारण में ऑफिस से जल्दी घर आ गया, तभी मैने मोहित भैया का घर का दरवाजा खुला देखा मुझे लगा मोहित भैय्या आज जल्दी घर आ गए है. तभी में घर के अंदर जाके देखा तो कोई नहीं था. तब में उनके कमरे की ओर जा रहा था। तब मैने देखा कि भाभी अपने रूम में साड़ी बदल रही थी। में चूपकेसे भाभी को साड़ी बदलते हुए देखने लगा। भाभी बिना साड़ी के काफी सुंदर लग रही थी। उनका पूरा शरीर मलाई जैसे गोरा ओर चिकना था। उनको ऎसी अवस्था में देख मेरा लिंग खड़ा होने लगा, ओर में उसपर हाथ फेरते हुए अपने रूम में आ गया!
उस रात देर तक मुझे नींद नहीं आ रही थी. भाभी का वही गोरा बदन मेरी नजरो के सामने आ रहा था, तो में भाभी को याद करते हुए मुठमारके सो गया।
दूसरे दिन सुबह में देर से उठा तभी भाभी मेरे कमरे में चाय लेकर आयी ओर बोलने लगी,
भाभी - क्या हुआ आज तुमको ऑफिस नहीं जाना क्या?
में - भाभी आज मेरी तबीयत खराब है, घरपर रहकर रेस्ट करूंगा!
भाभी - ठीक है, तुम Ready होकर नीचे आ जाओ में तुम्हे दवाई दे देती हूं!
में - ठीक है भाभी ! जल्दी आता हूं!
भाभी - (मजाक में जल्दी आना नहि तो में आजाऊंगी तुम्हे तैयार करने)
में - मजाक में भाभी से अभी करदो भाभी। भाभी शरमाते हुए चली गयी!
में Ready हो कर नीचे आया मोहित भैय्या office चले गए थे, ओर बच्चे भी स्कूल चले गए थे. भाभी ने मुझे नाश्ता ओर दवाई दी।
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में नाश्ता कर रहा था, ओर भाभी रसोई में काम कर रही थी। में भाभी को चुपके - चुपके देख रहा था। भाभी की की कमर मुझे साफ तरह से दिखाई दे रही थी। में तिरछी नजरों से उनकी ओर देख रहा था। भाभी पड़ी - लेखी होने के कारण मार्डन रहती थी। उनके ब्लाउज के अंदर उनकी Bra साफ़ दिखाई दे रही थी। में भाभी की ओर देख के एक हात से अपने लिंग को सहला रहा था। शायद यह बात भाभी भी जान चुकी थी!
मेंने मेरे फोन से भाभी की चुपके से पीछे तीन - चार तस्वीरें खींची ओर अपने कमरे में आ गया और टांगो के नीचे तकिया रख कर भाभी की फोटो को ज़ूम करके देख के (गुदामैथुन) करने लगा!
थोड़ी देर बाद जब मेरा वीर्य निकलने ही वाला था. तभी अचानक से भाभी मेरे रूम में आ गई। और मुझे यह करते हुए देख लिया! ओर मेरे फोन में खींची हुई अपनी फोटो भी देखली !
मेंने भाभी की ओर देखा और गर्दन नीचे कर ली तो भाभी ने मुझसे कहा कि अगले साल आप की भी शादी कर देंगे । फिर आपको यह नहीं करना पड़ेगा।
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मुझे बहुत शर्म आ रही थी, भाभी ने कहा इसमें शर्मा ने कि क्या बात है। यह सब नॉर्मल है। यह कहकर भाभी मेरे बाजू में बैठ गई। और मुझसे बातें करने लगी! तभी मेरे अंदर कुछ हलचल हुई ओर मैने भाभी को गले से लगा लिया! भाभी भी मेरी पीठ पर हात फेरने लगी!
में ओर उत्सुक हो गया ओर भाभी के बाल साइड करके गले पर चूमने लगा तभी भाभी ने कहा ये गलत है। पर में नहीं रुका और जोर से चूमने लगा ओ मना करती रही ओर में उन्हें चूमता गया।
अब मेंने भाभी के होटों पर हात फेरा ओर उनके होटों को चूमने लगा ओर जोर - जोर से चूसने लगा तभी मेरा एक हाथ नीता भाभी के बड़े बूब्स पर गया मेंने एक हाथ से जोर से भाभी के Boobs दबाने लगा तभी भाभी के मुंह से सिसकारी निकली आह्ह्…. आह्ह्….!
ओर अब भाभी भी पूरी तरह गरम हो चुकी थी। ओर वह पूरी तरह मेरा साथ दे रही थी। मैने भभि का ब्लाउज खोल कर उनकी चूचियां चूसने लगा मुझे बोहत मज़ा आ रहा था। ओर भाभी जोर जोर से सिसकियां भर रही थी। ओर मेरा मुंह अपने boobs पर दबा कर अपने मन में जलती जिज्ञासा को बुझा रही थी. भाभी अभी पूरी तरह अपने चरम सुख के नजदीक पोहच चुकी थी!
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अब हम दोनों ने एक दूसरे के कपड़े उतार दिये। फिर में भाभी की चूत पर हात घुमाते हुए भाभी की चूत में उंगली डाल दी। ओ जोर से चिल्ला उठी और अपने हाथ मुझे हाथ से मेरा हाथ पकड़ कर बोली धीरे करो, में उनकी एक नहीं सुनी ओर दोनों उंगली डाल कर
जोर - जोर से अन्दर बहार करने लगा ओ जोर - जोर से सिसकियां भरने लगी आह्ह्…. आह्ह….!
अब हम दोनों अपनी चरम सीमा तक पोहचने वाले थे। मैने अपना लिंग भाभी की चूत में डालना शुरू किया, मैने जैसे ही पहला जटका मारा वह बिस्तर पकड़ने लगी ओर में जोर से झटके मारने लगा!
भाभी जोर जोर से हाय मेरे राजा जोर से करो आज फाड़ दो मेरी चूत को बहोत दिनों से प्यासी थी जोर से करो मेरी जान! आह्ह….आह्ह…. आह्ह….कर रही थी !
भाभी झड चुकी थी ओर मेरा भी गिरने वाला था तभी मैने मेरे लंड को चूत से निकाला ओर मेरा सारा माल भाभी के boobs पर गिर दिया। भाभी वह चाटने लगी। ओर फिर हम दोनों इसी तरह जब भी मोहित भैय्या रात में ड्यूटी पर जाते तो वह रात हमारी पलंगतोड रात होती भाभी मुझसे बाहोत ही खुश थी!



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